* जैन धर्म एवं बौद्ध धर्म में समानता *
- दोनों धर्म में यज्ञ, कर्मकांडों, जाति पाँत एवं छुआछूत का विरोध किया गया है।
- दोनों ही ईश्वर की सत्ता को स्वीकार नहीं करते।
- दोनों धर्मों ने उपदेश के लिए जनसाधारण की भाषा प्राकृत एवं बौद्ध धर्म ने पाली का प्रयोग किया। ("जैन धर्म -प्राकृत भाषा" और "बौद्ध धर्म - पाली भाषा")
- दोनों धर्मों के प्रवर्तक क्षत्रिय कुल के थे। (महावीर स्वामी -ज्ञातृक क्षत्रिय कुल के और बुध -शाक्य क्षत्रिय कुल के थे)
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जैन धर्म से सम्बंधित महत्वपुर्ण प्रश्नोत्तर
बौद्ध धर्म से सम्बंधित महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
बौद्धधर्म के दो संप्रदाय "हीनयान-महायान"
* जैन धर्म एवं बौद्ध धर्म में असमानता *
- अहिंसा में दोनों धर्म में विश्वास करते थे पर जैन धर्म इस पर अधिक बल देता था।
- जैन धर्म में मोक्ष या निर्वाण प्राप्त करना शरीर त्यागने के बाद ही संभव था पर बौद्ध धर्म निर्वाण प्राप्ति के लिए शरीर त्यागने की आवश्यकता नहीं थी
- जैन धर्म के उपासक कायाक्लेश के मार्ग को अपनाकर कठोर व्रत का पालन करते हैं जबकि बौद्ध धर्म में मध्यम मार्ग को अपनाने की बात कही गई है।
- जैन धर्म भारत के बाहर नहीं फैल सका और बौद्ध धर्म विश्व के कई देशों में प्रसार पा सका।
- दोनों धर्म में मूर्ति पूजा का प्रचलन था पर जैन मतावलंबी महावीर की नग्न मूर्ति की पूजा करते थे।
मौर्या काल से सम्बंधित महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
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